20 September 2011
08 September 2011
कबीर साहेब के दोहे |
आया है किस काम को किया कौन सा काम
भूल गए भगवान को कमा रहे धनधाम
कमा रहे धनधाम रोज उठ करत लबारी
झूठ कपट कर जोड़ बने तुम माया धारी
कहते दास कबीर साहब की सुरत बिसारी
मालिक के दरबार मिलै तुमको दुख भारी |
भूल गए भगवान को कमा रहे धनधाम
कमा रहे धनधाम रोज उठ करत लबारी
झूठ कपट कर जोड़ बने तुम माया धारी
कहते दास कबीर साहब की सुरत बिसारी
मालिक के दरबार मिलै तुमको दुख भारी |
सुख मे सुमिरन ना किया, दु:ख में करते याद ।
कह कबीर ता दास की, कौन सुने फरियाद ॥
धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय ।
माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय ॥
कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और ।
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर ॥
माया मरी न मन मरा, मर-मर गए शरीर ।
आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर ॥
रात गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय ।
हीरा जन्म अमोल था, कोड़ी बदले जाय ॥
जैसा भोजन खाइये, तैसा ही मन होय ।
जैसा पानी पीजिये, तैसी बानी सोय ॥
जो तोको काँटा बुवै, ताहि बुवै तू फूल ।
तोहि फूल को फूल है,वाको है तिरशूल ॥
मूरख को समुझावते, ज्ञान गाँठि का जाय ।
कोयला होय न ऊजला, सौ मन साबुन लाय ॥
शब्द सम्हारे बोलिये,शब्द के हाँथ न पाँव ।
एक शब्द औषधि करे, एक शब्द करे घाव ॥
कह कबीर ता दास की, कौन सुने फरियाद ॥
धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय ।
माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय ॥
कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और ।
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर ॥
माया मरी न मन मरा, मर-मर गए शरीर ।
आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर ॥
रात गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय ।
हीरा जन्म अमोल था, कोड़ी बदले जाय ॥
जैसा भोजन खाइये, तैसा ही मन होय ।
जैसा पानी पीजिये, तैसी बानी सोय ॥
जो तोको काँटा बुवै, ताहि बुवै तू फूल ।
तोहि फूल को फूल है,वाको है तिरशूल ॥
मूरख को समुझावते, ज्ञान गाँठि का जाय ।
कोयला होय न ऊजला, सौ मन साबुन लाय ॥
शब्द सम्हारे बोलिये,शब्द के हाँथ न पाँव ।
एक शब्द औषधि करे, एक शब्द करे घाव ॥
27 May 2011
जयपुर में कुत्तो का आतंक .........अब तो नगर निगम जाग जाओ..!
क्या यह वर्ल्ड क्लाश सिटी है .......................? ( चोडा रास्ता )
जयपुर में .........कुछ दिनों पहले बिट्टू के शरीर में इतने घाव किये की बिट्टू को दुनिया छोडनी पड़ी | ऐसा ही कल एक कुत्ते ने सुब्ह से शाम तक आतंक मचाया और 50 लोगो को जख्मी कर दिया |
क्यों नगर निगम सोया हुआ है ..................?
यह वही सफेद कुत्ता है जो अमीर लोग घर में बैठा कर सेवा करते है लेकिन अपने माँ बाप की सेवा नही करते है उनको जन्म किसने दिया ........................इस दुनिया में माँ बाप की सेवा ही बड़ा पुरुषार्थ है |
15 May 2011
पीपल पूर्णिमा की महिमा
वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को पीपल पूनम, बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है, यह 17 मई मंगलवार को मनायेगे |
यह गोतम बुद्ध की जयंती है और उनका निर्वाण दिवस है | इसी दिन भगवान बुद्ध को बुध्तव की प्राप्ति हुई थी |
हिंदू धर्मावलम्बियो के लिए बुद्ध विष्णु के नौवे अवतार है | अत: हिन्दुओ के लिए यह दिन पवित्र माना है | इसी कारण बिहार में बोधगया नामक स्थान हिंदू व बोद्ध धर्मावलम्बियो का पवित्र तीर्थ स्थान है | इसी दिन को पीपल पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है |
पीपन की जड़ में विष्णु , तने में केशव, शाखाओ में नारायण, पतौ में भगवान हरी और फल में सब देवताओ से युक्त अच्युत सदा निवाश करते है |
पीपल पूर्णिमा की महिमा
11 May 2011
ये जख्म भरे भी तो केसे ........................?
13 मई 2008 का वह दिन आठ स्थानों पर नो बम धमाके और 70 लोगो की मौत और सेकड़ो घायल हुए |
कई लोग अपनी माँ,भाई, बेटे,बाप,बहन खो बेठे, हर जेहन में उस तारीख और उस मंगलवार की याद थी |जभी हम उस आठ स्थान पर जाते है तो आज भी उन बमो की गूंज सुनाई देती है |
१. मानक चौक खंदा
२. चूड़ी वालो का खंदा
३.जोहरी बाजार, नेशनल हेंडलूम
४.सांगानेरी गेट हनुमानजी का मंदिर
५. कोतवाली थाने के बाहर
६.फुल वालो का खंदा
७.त्रिपोलिया बाजार
८. चाँद पोल बाजार
ये विष्फोट वाली जगह भीडभाड वाली जगह है | वो शाम का टाइम लोग अपने अपने घर पर जाने की तेयारी कर रहे थे और कोई हनुमानजी के दर्शन करने उन लोगो का क्या कसूर है क्या गुना किया किया की उनकी जिन्दगी ही छिन ली और इस घटना को तीन साल हो गये लेकिन उन के घर वालो को इन्शाफ़ नही मिला ......................?
08 May 2011
Mothers Day
कौन चूका सकता है ....दूध का कर्ज ......?
संतान गोद में हो या फीर युवा और अधेड़, माँ की ममता कम नही होती | संतान नाफ़रमानी करे या उद्दण्डता, उसका लाड़ कम नही होता | जब तक सांस में सांस है वह सिर्फ माँ है |
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